शेर के जबड़े से अपने बेटे को छुड़ा लाई ये बहादुर मां, जानिए कैसे एक अकेली औरत ने शेर को खदेड़ दिया

कहते हैं आदिवासी खुद की रक्षा व पेट की भूख मिटाने के लिए कड़ा संघर्ष करते हैं और जब बात किसी की जान बचाने की आए तो ऐसे में भला कोई आदीवासी। मां अपने बेटे की बचाने से कैसे पीछे हटती।

यह कहानी है मध्य प्रदेश के संजय टाइगर बफर जोन टमसार रेंज के बाड़ीझरिया गांव की किरण बैगा का। किरण ने रविवार शाम करीब एक किलोमीटर तक पीछा कर तेंदुए के जबड़े से अपने आठ वर्षीय बेटे को बचा लिया। इस दौरान तेंदुए ने करीब तीन बार उन पर झपट्टा भी मारा, मगर किरण ने हिम्मत नहीं हारी।

तेंदुए से किरण का युद्ध करीब 10 से 12 मिनटों तक चला। आखिरकार तेंदुआ एक बहादुर मां से हार कर जंगल की ओर भाग गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर शेर के जबड़े से बच्चे को निकालर नया जीवन देने वाली मां को प्रणाम किया है।

किरण बताती हैं कि वह घर के बाहर आग सुलगाकर खाना बनाने की तैयारी में थीं कि तभी पीछे से तेंदुआ आया और उनके आठ वर्षीय बेटे राहुल को जबड़े में दबाकर जंगल की ओर चल दिया। वह भी पीछे-पीछे दौड़ पड़ीं। करीब एक किलोमीटर पीछा करने के बाद वह तेंदुए तक पहुंचीं।

जैसे ही उन्होंने बेटे का हाथ पकड़कर खींचा, तेंदुआ उसे छोड़ उनकी ओर झपटा। खुद को बचाते हुए उन्होंने बेटे को गोद में ले लिया और उससे बोलीं, राहुल मुझे पकड़े रहना, मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगी। इस दौरान तेंदुआ तीन बार उनकी ओर झपटा। तीसरी बार उन्होंने उसके पंजे को पकड़कर जोर से धक्का दिया। तब तक गांव के कुछ लोग पहुंच गए और भीड़ देख तेंदुआ भाग गया। घायल मां-बेटे को रविवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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