माता पिता ने बेटी को समझा बोझ और रेलवे स्टेशन पर छोड़ा, लेकिन किस्मत ने बच्ची को पहुंचाया इटली

नई दिल्ली: किसी ने सही ही कहा किसकी किस्मत में क्या लिखा ये कोई नहीं जानता है, कब किसकी किस्मत कहां पहुंचा दे ये किसी को नहीं पता होता है। हाल ही में ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है। बता दें कि ये मामला बिहार की राजधानी पटना से सामने आया है।

दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि 4 साल पहले पूर्व बख्तियारपुर स्टेशन पर मिली साल की लावारिस बच्ची को उसके अपने माता–पिता ने वहां पर छोड़ दिया था, जिसे बाद में इटली से आए कपल ने गोद लिया। स्टेशन पर मिलने वाली इस लड़की ने अपना नाम खुशी बताया है। शुक्रवार के दिन इटली के इलेक्ट्रिक ग्राफिक डिजाइनर मिस्टनर लुका स्पांगनोली और उनकी मिसेज कंप्यूटर इंजीनियर एलिजा स्टांगा ने सृजनी दतक संस्थान में आकर उस खुशी नाम की लड़की को गोद लिया है।

इटली के इस कपल को खुशी इतनी अच्छी लगी कि उन्होंने दानापुर के लेखानगर में मौजूद नारी गुंजन संस्था की तरफ से संचालित हो रहे संस्थान के ऑफिस आए, जहां उन्होंने खुशी को गोद लेने के सारी जरूरी प्रोसेस को पूरा किया है।

नारी गुंजन संस्था की सैकेट्री पद्मश्री सुधा वर्गीज ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि- 08 जुलाई 2017 को बख्तियारपुर स्टेशन के रेलवे स्टेशन पर उन्हें खुशी मिली थी, जिसको रेलवे चाइल्ड लाइन की तरफ से उनकी संस्था को सौंपा गया था।

खबरों से मिली जानकारी के अनुसार खुशी एक स्पेशल चाइल्ड है। जब इटेलियन कपल ने खुशी को गोद लेने के बाद उसे कस कर गले से लगा लिया और गोद में उठा कर अपने साथ चलने को कहा।

इटेलियन कपल ने बताया कि पहले से उनकी एक बेटी है जिसका नाम लारा है। लारा के अलावा उनका एक बेटा भी है, जिसका समांगा है, जिसे उन्होंने कंबोडिया से गोद लिया है। अब खुशी दूसरी बेटी है।

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